फास्ट ट्रैक अदालतें
भारत सरकार · जारी · 2019 से
आधिकारिक स्रोतों से डेटा अंतिम बार सत्यापित:
फास्ट ट्रैक अदालतें भारत सरकार की योजना है, जो 2019 से है; इसकी वर्तमान स्थिति: जारी। सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में बलात्कार और POCSO मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें (FTSCs)। ऐसे मामलों में औसत लंबित अवधि में उल्लेखनीय कमी आई।
परियोजनाएँ और पहल 1 जारी
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फास्ट ट्रैक अदालतें क्या है?
सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में बलात्कार और POCSO मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें (FTSCs)। ऐसे मामलों में औसत लंबित अवधि में उल्लेखनीय कमी आई।
फास्ट ट्रैक अदालतें की आधिकारिक वेबसाइट क्या है?
फास्ट ट्रैक अदालतें का आधिकारिक स्रोत doj.gov.in है।
फास्ट ट्रैक अदालतें कब शुरू हुई?
फास्ट ट्रैक अदालतें 2019 से है।
फास्ट ट्रैक अदालतें की वर्तमान स्थिति क्या है?
फास्ट ट्रैक अदालतें की स्थिति: जारी।
फास्ट ट्रैक अदालतें का बजट कितना है?
2023–26 के लिए ₹1,952.23 करोड़ (निर्भया फंड से ₹1,207.24 करोड़ केंद्रीय हिस्सा) · कैबिनेट, PIB नवंबर 2023
फास्ट ट्रैक अदालतें से कितने लोगों को लाभ मिला है?
सरकार के अनुसार: 29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 775 FTSCs कार्यरत, जिनमें 398 विशेष POCSO अदालतें शामिल (30 अप्रैल 2026 तक) · PIB जुलाई 2026