प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण)
भारत सरकार · जारी · 2021 से
आधिकारिक स्रोतों से डेटा अंतिम बार सत्यापित:
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) भारत सरकार की योजना है, जो 2021 से है; इसकी वर्तमान स्थिति: जारी। केंद्र प्रायोजित योजना, जो सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा I–VIII के बच्चों को एक वक्त का गर्म पका भोजन देती है; इसका विस्तार प्री-प्राइमरी (बाल वाटिका) कक्षाओं तक है। यह पहले के स्कूलों में मध्याह्न भोजन के राष्ट्रीय कार्यक्रम का ही आगे का रूप है, जिसका नाम 2021 में PM POSHAN किया गया, और यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के दायरे में आती है।
↗ आधिकारिक स्रोत — pmposhan.education.gov.in
परियोजनाएँ और पहल 1 जारी
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) क्या है?
केंद्र प्रायोजित योजना, जो सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा I–VIII के बच्चों को एक वक्त का गर्म पका भोजन देती है; इसका विस्तार प्री-प्राइमरी (बाल वाटिका) कक्षाओं तक है। यह पहले के स्कूलों में मध्याह्न भोजन के राष्ट्रीय कार्यक्रम का ही आगे का रूप है, जिसका नाम 2021 में PM POSHAN किया गया, और यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के दायरे में आती है।
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) की आधिकारिक वेबसाइट क्या है?
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) का आधिकारिक स्रोत pmposhan.education.gov.in है।
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) कब शुरू हुई?
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) 2021 से है।
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) की वर्तमान स्थिति क्या है?
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) की स्थिति: जारी।
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) का बजट कितना है?
₹12,750 करोड़ · केंद्रीय बजट 2026–27 (BE)
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) से कितने लोगों को लाभ मिला है?
सरकार के अनुसार: 11.20 लाख स्कूलों में लगभग 11.80 करोड़ बच्चे · PIB, 29 सितंबर 2021 (2021–22 से 2025–26 के लिए CCEA की मंजूरी)।