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समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड

उत्तराखंड सरकार · पूर्ण · 2024 से

आधिकारिक स्रोतों से डेटा अंतिम बार सत्यापित:

समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड उत्तराखंड सरकार की योजना है, जो 2024 से है; इसकी वर्तमान स्थिति: पूर्ण। उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला भारतीय राज्य बना (जनवरी 2025)। यह संहिता धर्म की परवाह किए बिना सभी निवासियों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने के समान नियम प्रदान करती है, जिसमें अनुसूचित जनजातियों को छूट दी गई है।

↗ आधिकारिक स्रोत — ucc.uk.gov.in

स्थिति
पूर्ण
शुरुआत
2024
पूर्ण
27 जनवरी 2025 को क्रियान्वित (अधिनियम फरवरी 2024 में पारित, राष्ट्रपति की स्वीकृति मार्च 2024)
संचालक
उत्तराखंड सरकार
आधिकारिक स्रोत
ucc.uk.gov.in

परियोजनाएँ और पहल 0 जारी · 1 पूर्ण

समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड
पूर्ण
पूर्णता27 जनवरी 2025 को क्रियान्वित (अधिनियम फरवरी 2024 में पारित, राष्ट्रपति की स्वीकृति मार्च 2024)
2024 से · उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला भारतीय राज्य बना (जनवरी 2025)। यह संहिता धर्म की परवाह किए बिना सभी निवासियों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने के समान नियम प्रदान करती है, जिसमें अनुसूचित जनजातियों को छूट दी गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड क्या है?

उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला भारतीय राज्य बना (जनवरी 2025)। यह संहिता धर्म की परवाह किए बिना सभी निवासियों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने के समान नियम प्रदान करती है, जिसमें अनुसूचित जनजातियों को छूट दी गई है।

समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट क्या है?

समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड का आधिकारिक स्रोत ucc.uk.gov.in है।

समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड कब शुरू हुई?

समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड 2024 से है।

समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड की वर्तमान स्थिति क्या है?

समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड की स्थिति: पूर्ण।

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