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फास्टैग

भारत सरकार · पूर्ण · 2019 से

आधिकारिक स्रोतों से डेटा अंतिम बार सत्यापित:

फास्टैग भारत सरकार की योजना है, जो 2019 से है; इसकी वर्तमान स्थिति: पूर्ण। फ़रवरी 2021 तक सभी राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाज़ा पर अनिवार्य FASTag इलेक्ट्रॉनिक टोल वसूली प्रणाली लागू, ताकि नकद भुगतान की कतारें खत्म हों और यातायात सुचारु रहे।

↗ आधिकारिक स्रोत — ihmcl.com

स्थिति
पूर्ण
शुरुआत
2019
बजट / परिव्यय
₹5,000 करोड़+ (बुनियादी ढाँचा क्रियान्वयन लागत)
पहुँच
सरकार द्वारा रिपोर्ट: 8 करोड़+ FASTag वॉलेट सक्रिय; कैशलेस टोल संग्रह 95%+ राष्ट्रीय राजमार्गों को कवर करता है; ₹53,000 करोड़/वर्ष संग्रहित (2023–24)।
पूर्ण
अनिवार्य फ़रवरी 2021
संचालक
भारत सरकार
आधिकारिक स्रोत
ihmcl.com

परियोजनाएँ और पहल 0 जारी · 1 पूर्ण

फास्टैग
पूर्ण
बजट₹5,000 करोड़+ (बुनियादी ढाँचा क्रियान्वयन लागत)
लाभार्थीसरकार द्वारा रिपोर्ट: 8 करोड़+ FASTag वॉलेट सक्रिय; कैशलेस टोल संग्रह 95%+ राष्ट्रीय राजमार्गों को कवर करता है; ₹53,000 करोड़/वर्ष संग्रहित (2023–24)।
पूर्णताअनिवार्य फ़रवरी 2021
2019 से · फ़रवरी 2021 तक सभी राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाज़ा पर अनिवार्य FASTag इलेक्ट्रॉनिक टोल वसूली प्रणाली लागू, ताकि नकद भुगतान की कतारें खत्म हों और यातायात सुचारु रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फास्टैग क्या है?

फ़रवरी 2021 तक सभी राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाज़ा पर अनिवार्य FASTag इलेक्ट्रॉनिक टोल वसूली प्रणाली लागू, ताकि नकद भुगतान की कतारें खत्म हों और यातायात सुचारु रहे।

फास्टैग की आधिकारिक वेबसाइट क्या है?

फास्टैग का आधिकारिक स्रोत ihmcl.com है।

फास्टैग कब शुरू हुई?

फास्टैग 2019 से है।

फास्टैग की वर्तमान स्थिति क्या है?

फास्टैग की स्थिति: पूर्ण।

फास्टैग का बजट कितना है?

₹5,000 करोड़+ (बुनियादी ढाँचा क्रियान्वयन लागत)

फास्टैग से कितने लोगों को लाभ मिला है?

सरकार द्वारा रिपोर्ट: 8 करोड़+ FASTag वॉलेट सक्रिय; कैशलेस टोल संग्रह 95%+ राष्ट्रीय राजमार्गों को कवर करता है; ₹53,000 करोड़/वर्ष संग्रहित (2023–24)।

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